कम्बल निधी

 

सर्द रातों में राहत का अहसास..

संभाग के सबसे बड़े महाराव भीमसिंह चिकित्सालय में रात्रि के समय किसी परिचित की कुशलक्षेम जानने गया था। अस्पताल से बाहर निकलने पर अस्पताल परिसर में कड़कड़ाती सर्दी में ग्रामीण क्षेत्रों से आए तीमारदार एक चादर के सहारे सोते हुये नजर आये। मैंने इसका कारण जाना तो पता चला कि अस्पताल के बाहर से रजाई-कंबल किराए पर लाने के लिए उन्हें पांच सौ से एक हजार रूपए की धरोहर राशि रखनी पड़ती है। मरीज के उपचार के लिए पैसों की आवश्यकता को देखते हुए तीमारदार परिस्थिति से समझौता करते हुए ठिठुरते हुए ही रात गुजारते है। उनकी इस वेदना को दूर करने के लिए जनसहयोग से कंबल निधि की स्थापना की गई। इस कंबल निधि मे मरीजो के परिजनों को गर्म रजाईयां एवं कंबल उपलब्ध करवाई जाती है। प्रकल्प में ंबिना किसी धरोहर राशि व किराये के सिर्फ मरीज भर्ती पर्चे के आधार पर मरीज के परिजनों को ंरात्रि उपयोग के लिए कंबल व रजाइयां निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है, जिसे तीमारदार सुबह केन्द्र पर जमा करवा जाता है। 10 वर्ष पहले जनसहयोग से शुरू हुआ सेवा का क्रम लगातार जारी है।

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