परिधान उपहार केंद्र

 

जनसहयोग से निर्वस्त्र का तन ढ़कने का प्रयास..

समाज के निर्धन लोगो को रोटी के बाद कपड़ो कि आवश्यकता होती है। आजादी के इतने वर्षो बाद भी हजारो लोगो को दो वक्त कि रोटी एवं तन ढ़कने के लिये कपड़े उपलब्ध नही है। ऐसे लोगो कि जरूरतो को पूरा करने के लिये निःशुल्क परिधान उपहार केन्द्र स्थापित किया। हमारे शहर में सक्षम लोगो का ऐसा बड़ा वर्ग है, जो कपड़ो को कुछ समय बाद ही फैंक देता है। हमने ऐसे लोगो को आहवान किया कि फैंकने कि जगह वे इन कपड़ो को निःशुल्क परिधान उपहार केन्द्र में जमा करवाऐं ताकि उन लोगो का तन ढ़का जा सके जो निर्वस्त्र है।

परिधान केन्द्र मे शहर के लोग सेवा भावना से अपने पुराने कपड़ो को जमा करवाते है इन वस्त्रो को पहनने योग्य बनाकर निर्धन लोगो को सम्मान से पहनाये जाते है। आज भी निःशुल्क परिधान केन्द्र के माध्यम से बड़ी संख्या मे लोगो को खुशी बांटी जा रही है। संपन्न परिवारों के लोग अपने पुराने तथा काम नहीं आने वाले वस्त्र यहां जमा करवाते हैं। इन वस्त्रों की छंटनी कर उपयोगी वस्त्र अलग किए जाते हैं, जिनकी धुलाई, सिलाई, रफू एवं प्रेस करवाकर इन्हें पुनः पहनने योग्य बनाया जाता है। साफ-स्वच्छ वस्त्रों को शोरूम की तरह एक कक्ष में सजाया जाता है,जहां जरूरतमंद लोग अपने रूचि व आवश्यकता के अनुसार वस्त्र पसंद करते हैं। केन्द्र पर वस्त्र लेने वालो के लिए विशेषकर महिलाओं के लिए ट्रायल रूम भी है जहाँ पर महिलाऐं अपने नाप अनुसार कपडे ले जाती है। निशुल्क परिधान उपहार केंद्र में महिला व पुरूष दर्जी भी उपलब्ध है जो जरूरतमंद महिलाध्पुरूष के शरीर के आकार के अनुसार कपड़ों की फिटिंग कर देते हैं। निशुल्क वस्त्र उपहार केंद्र पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को उसके पसंद का वस्त्र का उपहार मिलता है। वर्ष 2007 में शुरू हुआ सेवा का का सिलसिला शहर के अनेकों परिवार के माध्यम से जरूरतमंद लोगों में खुशियां बांट रहे हैं।

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