मातृ ज्ञान केंद्र

 

सम्पूर्ण साक्षरता के लिए प्रेरणाकलश..

शिक्षा को समाजिक उत्थान का प्रस्फुटन माना जा सकता है। परन्तु क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों के दौरों के अंतर्गत यह संज्ञान में आया कि आज भी गा्रमीण अंचल की 90 प्रतिशत महिलाएं साक्षरता से अछूती है। और जब परिवार की इकाई ही अक्षर ज्ञान से अछूती हो तो भावी पीढ़ी के शिक्षित होने की कल्पना मुश्किल है। इसी परिस्थिति में परिवर्तन की दिशा में शुरुआत हुई मातृ ज्ञान केंद्र की, जिसमें मातृ शक्ति अक्षर ज्ञान अर्जित कर सके। इस पहल का साक्षी बना कोटा से 60 किमी दूर स्थित कचनावदा गाँव जहाँ केवट समुदाय की महिलाओं को जागरूक कर इसे साकार किया गया। वर्तमान में गाँव की 50 से भी आधिक महिलाएं गुलाबी साडी एवं बस्ता लेकर हर दोपहर यहाँ की महिलाएं पाठशाला में अक्षर ज्ञान पा रहीं हैं। इस पाठशाला में दादी नानी, सास बहु और बेटी सभी मिलकर अपना साक्षरता का बचपन का सपना हकीकत बना रहीं हैं। क्षेत्र में यह मातृ ज्ञान केंद्र महिलाओं को शिक्षित करने के साथ ही जागरूकता का माध्यम भी बन रहा है।

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