रैन बसेरा

 

बेधरों को हो मिल रहा घर जैसी सुविधा
सुकुन से कटनें लगी है सर्द रातें ……

हाड़ कंपाती सर्दी में जब हम गर्म रजाई ओढ़े अपने कमरे में हीटर चलाकर दुबके रहते हैं, ठीक उसी समय सड़क पर खुले में नश्तर सी चुभती सर्द हवाओं के बीच में कुछ लोग अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहे होते हैं। हर वर्ष न जाने कितने सर्दी के चलते काल का ग्रास बन जाते हैं। कोटा में कोई व्यक्ति इस तरह की अकाल मृत्यु का शिकार नहीं हो, इसके लिए वर्ष 2013 में एक नवाचार के माध्यम से अत्याधुनिक पोर्टेबल रैन बसेरे की शुरूआत की गई। कंटेनर के आकार का यह रैन बसेरा इस तरह तैयार किया गया कि हवा इसमें प्रवेष नहीं कर सके। यहां रात्रि विश्राम के लिए आने वाले लोगों के लिए भीतर भी सर्वश्रेष्ठ इंतजाम किए गए। नए पलंग, नई रजाइयां, नई चद्दरें, सब कुछ नया। इन लोगों के रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी की गई। इसके अलावा उन्हें निशुल्क भोजन की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई। सर्द रातों मे लोगो को राहत देने का प्रयास लगातार जारी है।

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