November 21, 2014

मित्रो,
आज विष्व तंबाकू निशेध दिवस हैं,
तंबाकू की लत ऐसी महामारी है जो दुनिया में लोगों के स्वास्थ्य के लिए अब तक का सबसे बड़ा खतरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जनसंचार अभियानों, सचित्र चेतावनी तथा तंबाकू उगाने वालों के लिए अन्य फसलों का विकल्प प्रदान कर तंबाकू के कारण भारत में होने वाली अनुमानित प्रतिवर्ष आठ से नौ लाख मौतों में कमी लाई जा सकती है।
वैश्विक वयस्क तंबाकू सर्वेक्षण भारत 2010 (जीएटीएस) के अनुसार, रोकी जा सकने योग्य मौतों एवं बीमारियों में सर्वाधिक मौतें एवं बीमारियां तंबाकू के सेवन से होती हैं। विश्व में प्रत्येक 10 में से एक वयस्क मृत्यु के पीछे तंबाकू सेवन ही है। अनुमानतरू विश्व में प्रतिवर्ष 55 लाख लोगों की मौत तंबाकू सेवन के कारण होती है। विश्व में हुई कुल मौतों का लगभग पांचवां हिस्सा भारत में होता है।
जीएटीएस-भारत 2010 की रपट के अनुसार, भारत में औसतन 15 वर्ष की आयु से पहले ही बच्चे तंबाकू सेवन की शुरुआत कर देते हैं। धूम्रपान को लुभावने अंदाज में प्रस्तुत किए जाने से युवाओं का इसके प्रति आकर्षण बढ़ता है,
मध्य प्रदेश में गुटका एवं पान मसाला पर प्रतिबंध लगा दिया गया और बाद में केरल, मिजोरम, गुजरात, बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, छत्तीसगढ़, झारखंड और जल्द ही दिल्ली में भी इस प्रतिबंध को लागू कर दिया गया और अब तमिलनाडु ने भी इसे लागू कर दिया है।
आए इस अवसर पर षपथ ले कि हम लत की महामारी को जड से उखाड फेक

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