November 2, 2018

24 दिसम्बर 2009 की शाम को चम्बल का हैंगिंग ब्रिज धाराशायी हो गया। इसके बाद कांग्रेस के कार्यकाल में फिर से इसका निर्माण प्रारंभ नहीं हो पाया। इस कारण से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का महत्वाकांक्षी प्राजेक्ट करोडों रूपए की राशि से निर्मित ईस्ट वेस्ट काॅरिडोर देश को समर्पित नहीं हो पा रहा था। जब 2014 में केन्द्र में भाजपा की नरेन्द्र मोदी सरकार आई, सांसद ओम बिरला के अथक प्रयासों से सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी के सहयोग से हैंगिंग ब्रिज का निर्माण संभव हुआ। हैगिंग ब्रिज के उद्घाटन के बाद से शहर में होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आई है।

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