November 2, 2018

परवान चढ़ी परवन

हाड़ौती की लाइफलाइन परवन सिंचाई परियोजना के नाम पर कांग्रेस के द्वारा 50 साल से राजनीति होती रही, वादे कर लोगों के साथ छल किया गया, लेकिन यह परवान नहीं चढ़ पाई। भाजपा सरकार ने इसे हकीकत में बदला है। परवन का पानी अब जल्द ही हाड़ौती के कोटा, बूंदी और बारां जिले के लाखों किसानों को सरसब्ज करेगा और यहां के सैकड़ों गांवों की प्यास बुझाएगा। परियोजना के पूरा होने पर यह बारां, झालावाड़ और कोटा जिले के लिए जीवनरेखा बनेगी। परियोजना का पहला चरण पूरा होने पर बारां के 194, झालावाड़ के 81 और कोटा जिले के 38 सहित कुल 313 गांवों की 1 लाख 31 हजार 400 हैक्टेयर भूमि की सिंचाई हो सकेगी। परियोजना का दूसरा चरण पूरा होने पर बारां के 118, झालावाड़ के 36 और कोटा के 170 सहित कुल 324 अतिरिक्त गांवों की 70 हजार हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इस परियोजना में सिंचाई जल का उपयोग बून्द-बून्द और फव्वारा पद्धति से किया जाएगा। सिंचाई के साथ-साथ इस परियोजना से पेयजल की सुविधा भी मिलेगी। बारां, झालावाड़ व कोटा जिले के 1 हजार 821 गांवों की प्यास बुझाएगा। इस परियोजना से शेरगढ़ अभयारण्य को पानी मिलेगा। परियोजना के 79 मिलियन घनमीटर जल से 2970 मेगावाट तापीय विद्युत उत्पादन हो सकेगा। परवन बहुउद्देश्यीय सिंचाई परियोजना में 50 मिलीयन घनमीटर पानी बारां के 936, झालावाड़ के 309 और कोटा के 576 सहित 1821 गांवों में पीने का पानी पहुंचेगा। जिले में अटरू के 115, छीपाबड़ौद के 176, छबड़ा के 17, अंता के 33, मांगरोल के 23, बारां के 49, किशनगंज के 190 और शाहाबाद के 177 सहित जिले के कुल 936 गांवों को पीने का पानी मिलेगा। 

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