April 5, 2019
गले में भाजपा की दुशाला, सिर पर भगवा टोपी, हाथों में कमल के साथ मोदी अगेन के कटआउट, भाजपाई झण्डों से अटा पड़ा आसमान, ढोल की थाप पर नाचते कार्यकर्ता, मोदी के प्रति जोश से लबरेज युवा, मैं भी चैकीदार का लेबल लगाकर घूमते वृद्ध कार्यकर्ता, अपार भीड के सामने खडे़ होकर सेल्फी लेती महिला कार्यकर्ता। कोटा बूंदी लोकसभा क्षैत्र से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में  नामांकन रैली ऐसा ही दृश्य दिखाई दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं का गुरूवार को महाराव उम्मेदसिंह स्टेडियम पर जनसैलाब उमड़ पड़ा था। शंखध्वनि से सभा की शुरूआत की गई।
इस दौरान लोगों में रैली को सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण करने के लिए होड़ मची थी तो हर कोई इस दृश्य को कैमरे में कैद करने के लिए तत्पर नजर आया।  कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पूर्व ही पाण्डाल खचाखच भर चुका था। ऐसे में जिसको जहां भी जगह मिली, वह वहीं बैठ गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान भारत माता के जयकारे और भाजपा जिन्दाबाद व वन्देमातरम के उद्घोष से आसमान गूंज उठा था। रैली महाराव उम्मदसिंह स्टेडियम से प्रारंभ होकर नयापुरा चैराहा, एमबीएस अस्पताल होते हुए कलैक्ट्रेट पहुंची। रास्ते में बड़ी संख्या में तोरण द्वार सजाए गए थे, जहां पुष्पवर्षा की महक और जयकारों की गूंज उठ रही थी। इस दौरान सबसे पहले बाइक सवार, फिर महिला कार्यकर्ता और फिर अन्य सभी कार्यकर्ता चल रहे थे। खुली जीप में भाजपा प्रत्याशी ओम बिरला के साथ जिलाध्यक्ष, विधायक और संगठन के कार्यकर्ता सवार होकर चल रहे थे। रैली के बाद राजेन्द्र सिंह राठौड़, प्रभुलाल सैनी, विधायक मदन दिलावर, कल्पना देवी ने ओम बिरला का पर्चा दाखिल कराया।
रैली से पूर्व हुई सभा में विधानसभा में उपनेता राजेन्द्र राठौड़, पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक सैनी, चुनाव संयोजक नारायण पंचारिया, चुनाव संयोजक हीरालाल नागर, सहसंयोजक दिनेश सोनी, विधायक अशोक लाहोटी, मदन दिलावर, संदीप शर्मा, चन्द्रकांता मेघवाल, कल्पना देवी, प्रदेश मंत्री छगन माहौर, महापौर महेश विजय, उपमहापौर सुनीता व्यास, नगर पालिका चैयरमेन हेमलता शर्मा, शहर जिलाध्यक्ष हेमंत विजय, देहात जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह, पूर्व सांसद एवं सफाई आयोग के पूर्व अध्यक्ष गोपाल पचेरवाल, विस्तारक योजना के प्रभारी हेमराज मीणा, नागरिक सहकारी बैंक के चैयरमेन राजेश बिरला, पूर्व जिला प्रमुख कमला मीणा, पूर्व महापौर सुमन श्रृंगी, युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश महामंत्री विकास शर्मा, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष अनुसूइया गोस्वामी, पूर्व विधायक प्रभुलाल करसोल्या, ओम डींगल, राकेश जैन, हेमराज सिंह हाड़ा समेत कईं लोग मौजूद रहे। गांवों से आने वाले कार्यकर्ता हाथों में माला लेकर तो कोई शाॅल लेकर आया था। जैसे ही ओम बिरला मंच पर आए कार्यकर्ताओं में माला पहनाने की होड़ लग गई।
कार्यकर्ताओं की मेहनत और आशीर्वाद से 2014 में मोदी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनी थी। अब 2019 के बाद हम नए भारत के निर्माण की ओर बढेंगे। जनता की पीड़ा को संसद में उठाने का काम किया है। आज अनपढ और गांव ढाणी में दूरदराज में रहने वाले व्यक्ति को भी पता है कि भारत को बचाना है तो मोदी को लाना है। मुम्बई में आतंकी हमला हुआ तो दिल्ली सो रही थी, जब पुलवामा हुआ तो मोदी सरकार ने 12 दिन में ही जवाब दिया था। पीएम ने देश के लोगों का विश्वरास बढाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रत्याशी को भी जनता से एक बार सांसद बनाकर भेजा था, लेकिन इसके 11 महीने बाद हुए चुनावों में ही जनता ने उन्हें नकार दिया। यदि 11 महीने में कांग्रेस के प्रत्याशी ने जनता का विश्वास जीता होता तो जनता उन्हें घर नहीं बैठाती।  कार्यकर्ता मेहनत से गांव और ढाणी में काम करता है। उसके विश्वास और भरोसे को कभी टूटने नहीं देंगंे। राजनीति में हर क्षण पारदर्शिता के साथ काम किया है। पार्टी और कार्यकर्ता के भरोसे को कभी कलंकित नहीं होने दिया है। 2003 से चुनाव लड़ रहे हैं, लोगों के आरोपों के बावजूद लोगों का विश्वास कम नहीं होने दिया। जनता ने हर बार दोगुने वोटों से झूंठे आरोपों का जवाब दिया है। बचपन से लेकर 30 वर्ष तक कोटा की जनता ने ओम बिरला को देखा है। पहला चुनाव लड़ने पर ही लोग अगला पिछला पूरा इतिहास निकाल देते हैं। लेकिन जनता ने चार चुनाव जिताकर भेजा है। यह ओम बिरला का नहीं कार्यकता की प्रतिष्ठा का चुनाव है।
राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि हमें मूकदर्शक सांसद नहीं बल्कि दहाड़ने वाला जनप्रतिनिधि चाहिए।  गेहूं, सरसों और यूरिया को लेकर हाड़ौती की आवाज बनते रहे हैं। अब फैसला इस बात का करना है कि देश की रक्षा कौन कर सकता है, भ्रष्टाचार से छुटकारा कौन दिला सकता है। उन्होंने कहा कि ओम बिरला अकेला नहीं है। राठौड़ ने ‘‘आवाज दो, हम एक हैं’’ नारा भी लगवाया। इस दौरान प्रभुलाल सैनी ने कहा कि आज का हिन्दुस्तान 1950 के भारत से अलग है। कांग्रेस ने 70 साल तकसम्प्रदायों को लड़ाकर राज किया था। भाजपा ने किसानों के हित में काम किया है। फसल खराबे का 50 प्रतिशत नुकसान होने पर ही मुआवजा मिलता था, जिसे बदलकर अब 33 प्रतिशत खराबे पर कर दिया गया है। भाजपा ने राजस्थान के 27 लाख किसानों का 50 हजार से 1 लाख तक का कर्ज माफ किया था। अब कांग्रेेस उसी कर्ज को माफ दिखाकर प्रमाण पत्र दे रही है।
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