जीवनी व उपलब्धियाँ :

ओम कृष्ण बिरला (4 दिसम्बर 1962) भारत के राजस्थान से एक राजनीतिज्ञ और वर्तमान में कोटा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से 17वीं लोकसभा के सांसद हैं। वे 2003, 2008 व 2013 में 12वी, 13वी एवं 14वीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य रह चुके है।

नाम : ओम कृष्ण बिरला

पिताजी : श्री श्रीकृष्ण बिरला

माताजी : स्व0 श्रीमती शकुन्तला देवी

पता : 80 – बी, दशहरा स्कीम, शक्ति नगर, कोटा (राजस्थान )

जन्म तिथि : 4 दिसम्बर 1962

जन्म स्थान : कोटा (राजस्थान )

विवाह तिथि : 11 मार्च 1991

शैक्षणिक योग्यता : स्नातकोत्तर (वाणिज्य)

भाषाओं का ज्ञान : हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत

वर्तमान दायित्व : राजस्थान के कोटा-बून्दी लोकसभा क्षेत्र से दूसरी बार सांसद निर्वाचित।

 

उपलब्धियाँ :
1.    वर्ष 2004 से 2008 तक राजस्थान सरकार में संसदीय सचिव रहते हुए गरीब, असहाय, गम्भीर रोगियों इत्यादि को राज्य सरकार से 50 लाख रू. के लगभग आर्थिक सहायता दिलवाई।

2.    15-16 अगस्त 2004 को कोटा नगर में आई भयंकर बाढ् के दौरान दिन रात बाढ़ पीड़ितों के बीच में रहकर राहत दल का नेतृत्व करते हुए पीड़ितों को बचाने, उन्हें आवासीय, चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने में मदद की।

3.    विभिन्न स्वयं सेवी, सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से कैंसर रोगियों व थैलीसीमियां पीड़ितों की मदद की। वहीं द्विव्यांगजनों को निःशुल्क ट्राई साईकिलें, मोट्राईज सायकल (बैटरी चलित) व्हील चेयर एवं श्रवण यन्त्र सहित आवश्यक सहयोगी उपकरण उपलब्ध करवाए।

4.    बढ़ते प्रदूषण एवं घटती हरियाली को रोकने हेतु कोटा शहर में लगभग एक लाख पेड़ लगाने के लिए वृहद् ‘‘ग्रीन कोटा अभियान’’ चलाया। अभियान के तहत विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक संस्थाओं एवं संगठनों के माध्यम से पार्कों/सार्वजनिक स्थानों पर पौधारोपण करने के साथ ही कोटा शहर के आवासीय क्षेत्रों में घर-घर जाकर निःशुल्क पौधा वितरण कर पौधारोपण करने हेतु लोगों को प्रेरित किया। वहीं धार्मिक महत्व वाले तुलसी का पौधा भी घर-घर वितरण किया गया।

 

पूर्व दायित्व :

1.    16वीं लोकसभा (वर्ष 2014) में कोटा-बून्दी लोकसभा क्षेत्र से सांसद।

2.    दिसम्बर, 2003 से 2013 तक लगातार तीन बार राजस्थान विधानसभा सदस्य (31 मई 2004 को राजस्थान सरकार के संसदीय सचिव (राज्यमंत्री ))

3.    राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा, ( लगातार 6 वर्ष तक )

4.    प्रदेशाध्यक्ष –
भारतीय जनता युवा मोर्चा राजस्थान प्रदेश ( लगातार 6 वर्ष तक )

5.    जिलाध्यक्ष –
भारतीय जनता युवा मोर्चा, कोटा ( 4 वर्ष ) ।

6.    वाईस चौयरमेन
राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लि. नई दिल्ली

7.    चेयरमेन
राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ लि. जयपुर।

8.    चेयरमेन
कोटा सहकारी उपभोक्ता होलसेल भण्डार लि., कोटा।

9.    डायरेक्टर –
नेशनल कोल इंडिया लि. नई दिल्ली।

10.    डायरेक्टर –
नेहरू युवा केन्द्र नई दिल्ली

11.    संयुक्त सचिव –
राज. वाणिज्य महाविद्यालय, कोटा (राज.)।

12.    छात्रसंघ अध्यक्ष –
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गुमानपुरा, कोटा

 

सामाजिक सरोंकारों के प्रति प्रयास  :
1.    नेहरू युवा केन्द्र के माध्यम से सम्पूर्ण देश के ग्रामीण क्षेत्रों में खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन की वृहद् योजना बनाकर ग्रामीण प्रतिभाओं का विकास करने के अभियान का नेतृत्व किया।

2.    राजस्थान के बारां जिले के सहरीया आदिवासी क्षेत्र में कुपोषण को समाप्त करने के कार्य का नेतृत्व किया। साथ ही क्षेत्र के लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया।

3.    26 जनवरी 2001 को गुजरात में आये भयंकर भूकम्प पीड़ितों की सहायतार्थ चिकित्सकों सहित लगभग 100 से अधिक स्वयंसेवकों के राहत दल का नेतृत्व करते हुए लगातार 10 दिनों तक दिन रात भूकम्प पीड़ितों की सहायता की तथा उन्हें खाद्य एवं चिकित्सा सामग्री वितरित की।

4.    समय-समय पर विभिन्न अवसरों, जयन्तियों एवं आवश्यकतानुसार रक्तदान शिविरों का आयोजन करवाकर रक्त का संग्रह करवाया।

5.    राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा, दिल्ली के पद पर कार्यरत रहते हुए संपूर्ण भारत में राष्ट्र सेवा एवं समाज सेवा का संचार किया।

6.    वाईस चौयरमेन, राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लि. नई दिल्ली के पद पर कार्यरत रहते हुए सुपर बाजार योजना का सम्पूर्ण भारतवर्ष में जाल बिछाने की योजना चलाई।

7.    सहकारी आंदोलन में नव जन जागरण का नेतृत्व किया।

8.    राज्य के सभी पेंशनर्स रोगियों को निःशुल्क दवा वितरण का कार्य प्रारम्भ किया।

9.    मृत प्रायः कोटा शहर उपभोक्ता भण्डार लिमिटेड को पुनर्जीवित कर नई कल्याणकारी योजनाओं का शुभारम्भ किया।

10.    एक ही छत के नीचे सस्ते एवं अच्छे सामान का आम जनता को उपलब्ध कराने की उपहार केन्द्र योजना का शुभारम्भ किया, जिससे राज्य में सहकारिता आन्दोलन को नये आयाम मिले।

11.    राम मंदिर निर्माण आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए उत्तरप्रदेश की विभिन्न जेलों में यातनाऐं भोगी।

12.    सवाई माधोपुर सीमेंट फेक्ट्री प्रारंभ करवाने के आंदोलन का जयपुर एवं सवाईमाधोपुर में नेतृत्व किया, इसी क्रम में राज्य की विभिन्न जेलों में यातनायें भोगीं।

13.    वर्ष 2003 में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कोटा ओवर ब्रिज उद्घाटन के आगमन पर भाजपा के तीव्र विरोध का नेतृत्व किया ।

14.    निर्धन, असहाय एवं जरूरतमन्द व्यक्तियों के तन को ढकने के लिए जनसहयोग से निःशुल्क परिधान उपहार केन्द्र की स्थापना की। परिधान केन्द्र के द्वारा शहर के अनेकों परिवारों के माध्यम से जरूरतमंद व्यक्तियों को निःशुल्क वस्त्र उपलब्ध करवाने का
सिलसिला लगातार जारी है।

15.    निर्धन, असहाय एवं जरूरतमन्द व्यक्तियों को निःशुल्क भोजन कराने हेतु सामुहिक प्रयासों से ”प्रसादम“ प्रकल्प की स्थापना की, जन सहयोग से संचालित प्रकल्प के माध्यम से जरूरतमन्द व्यक्तियों को भोजन कराकर सेवा का अभियान लगातार जारी है।

16.    शहर की कच्ची बस्तीयों में अस्थाई निवास करने वाले घुमन्तु जाति एवं निर्धन परिवार के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने हेतु जन सहयोग से बस्ती में ही “मेरी पाठशाला” के नाम से टीन शेड़ में पोर्टबल स्कूल स्थापित किया। सामाजिक सहयोग से संचालित मेरी पाठशाला के माध्यम से सेवानिवृŸा शिक्षकों, उच्च शिक्षा में अध्ययनरत युवाओं के माध्यम से बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के साथ ही भोजन, कपड़े एवं बुनियादी सेवाऐं भी उपलब्ध करवाई जा रही है।

17.    ग्रामीण अंचल में कामकाजी एवं घरेलु महिलाओं को शिक्षित करने के लिए सी.एस.आर. योजना एवं सामाजिक सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ ज्ञान केन्द्रों की स्थापना कर मातृ शक्ति को शिक्षित किया जा रहा है। ज्ञान केन्द्रों के माध्यम से महिलाओं को शिक्षित करने के साथ स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण आदि के प्रति जागरूक किया जा रहा हैं।

18.    वर्ष 2014 में ओला वृष्टि के कारण किसानों की तैयार फसल खराब होने के कारण हताशा एवं आर्थिक परेशानियों से घिरे धरती पुत्रों को जन सहयोग से सबल देने हेतु एक मुठ्ठी अन्न राहत अभियान चलाया गया। अभियान के तहत से स्वयंसेवी, धार्मिक, व्यापारिक, औद्योगिक संस्थाओं के पदाधिकारियों के सहयोग से घर-घर जाकर अन्न एकत्रित कर ग्रामीण अंचल में ओला वृष्टि से प्रभावित किसानों को अनाज उपलब्ध करवाया गया।

19.    निर्धन, असहाय एवं जरूरतमन्द व्यक्तियों को निःशुल्क उपचार एवं दवाईयां उपलब्ध कराने हेतु जनसहयोग से ”मेडिसिन बैंक“ प्रकल्प की स्थापना की गई। प्रकल्प के माध्यम से धन के अभाव में उपचार नहीं करवा पाने वाले मरीं के उपचार हेतु दवाईयाँ निःशुल्क उपलब्ध करवाने का क्रम लगातार जारी है।

20.    आमजन में विशेष रूप से युवा पीढी में विस्मृत हो रही राष्ट्रीय भावना को जागृत करने, शहीदों के बलिदान को सदैव याद रखने व नई पीढी में राष्ट्रीय चरित्र निर्माण की भावना स्थापित करने के उद्देश्य से स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र भक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रम ’’आजादी के स्वर’’ का ऐतिहासिक आयोजन वर्ष 2006 से प्रारम्भ किया जो निरन्तर प्रति वर्ष कोटा शहर में एक महोत्सव के रूप में आयोजित किया जा रहा है। उक्त आयोजन के माध्यम से वर्तमान एवं भावी पीढ़ी में राष्ट्रहित, त्याग बलिदान एवं सामाजिक विकास करने के साथ ही आजादी के इस पावन पर्व को दशहरा दीवाली के रूप में मनाया जा रहा है।

21.    वरिष्ठजन हमारे अखण्ड भारत की नीवं है। बुजुर्गों के कार्यानुभव एवं सामाजिक समर्पण के आधार पर कोटा-बून्दी जिले में वरिष्ठजन सम्मान समारोह आयोजन किये गये । आयोजनों के माध्यम से बुजुर्गां का सम्मान करने के साथ ही उनके कार्यानुभव के आधार पर शहर के विकास हेतु सुझाव लेकर शहर के विकास को नई दिशा देने का प्रयास।

22.    कोटा शहर में आई.आई.टी. की स्थापना के लिए व्यापाक आन्दोलन किया।

23.    बूंदी जिले को चम्बल नदी का पानी उपलब्ध कराने के लिए आन्दोलन किया।

24.    तेरहवीं राजस्थान विधानसभा में अभी तक 500 से अधिक प्रश्न पूछे तथा सदन में सार्थक बहस करके कम से कम 6 बार ’’सदन के सितारे’’ में नाम सम्मिलित किया गया।

25.    राजस्थान एटोमिक पावर प्लान्ट रावतभाटा (त्।च्च्) में स्थानीय लोगों को रोजगार एवं क्षेत्र के विकास हेतु व्यापक जन आन्दोलन।

 

अभिरूचि :
राष्ट्र सेवा, समाज सेवा एवं निर्धन, असहाय, जरूरतमंद लोगों की विभिन्न माध्यमों से मदद करना।

 

विदेश यात्राऐं :
राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड़, नई दिल्ली के पद पर कार्यरत रहते हुए सहकारिता आन्दोलन के विस्तार की दृष्टि से एक सप्ताह दुबई में प्रवास किया ।

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